अचानकमार टाइगर रिजर्व – छत्तीसगढ़ का अद्भुत वन्यजीव अभ्यारण जिला मुंगेली
अचानकमार टाइगर रिजर्व छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक धरोहरों में एक अनमोल रत्न है। घने जंगलों, ऊँची पहाड़ियों, दुर्लभ वन्यजीवों और शांत प्राकृतिक वातावरण से भरपूर यह टाइगर रिजर्व प्रकृति प्रेमियों, वन्यजीव फोटोग्राफरों और पर्यटकों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बन चुका है। सतपुड़ा पर्वत श्रृंखला की मैकाल रेंज में फैला यह क्षेत्र अपनी जैव विविधता, हरियाली और रोमांचक सफारी अनुभव के लिए पूरे देश में प्रसिद्ध है।
अचानकमार का नाम सुनते ही घने साल के जंगल, जंगलों में विचरण करते बाघ, कल-कल बहती नदियाँ और पक्षियों की मधुर आवाजें मन को रोमांचित कर देती हैं। यह स्थान केवल पर्यटन स्थल नहीं बल्कि प्रकृति और वन्यजीव संरक्षण का जीवंत उदाहरण भी है।
अचानकमार टाइगर रिजर्व का इतिहास
अचानकमार क्षेत्र को वर्ष 1975 में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के अंतर्गत अभ्यारण्य घोषित किया गया था। बाद में इसकी जैव विविधता और बाघों की बढ़ती संख्या को देखते हुए वर्ष 2007 में इसे बायोस्फीयर रिजर्व का दर्जा प्राप्त हुआ। इसके पश्चात वर्ष 2009 में इसे आधिकारिक रूप से टाइगर रिजर्व घोषित किया गया।
आज अचानकमार टाइगर रिजर्व देश के प्रमुख टाइगर रिजर्व क्षेत्रों में शामिल है और भारत के महत्वपूर्ण संरक्षित वन क्षेत्रों में इसकी विशेष पहचान है।
भौगोलिक स्थिति और प्राकृतिक सौंदर्य
अचानकमार टाइगर रिजर्व लगभग 553.286 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है। यह क्षेत्र सतपुड़ा पर्वत की मैकाल श्रेणी में स्थित है, जहाँ ऊँची-नीची पहाड़ियाँ, गहरी घाटियाँ, प्राकृतिक जल स्रोत और घने जंगल इसकी सुंदरता को और भी आकर्षक बनाते हैं।
यहाँ के जंगलों में मुख्य रूप से साल, सागौन और बांस के वृक्ष पाए जाते हैं। इसके अलावा अनेक प्रकार की औषधीय वनस्पतियाँ और दुर्लभ पौधों की प्रजातियाँ भी यहाँ देखने को मिलती हैं। मानसून के समय यह पूरा क्षेत्र हरियाली की चादर से ढक जाता है और प्रकृति का अद्भुत दृश्य प्रस्तुत करता है।
अचानकमार टाइगर रिजर्व में पाए जाने वाले वन्यजीव
अचानकमार टाइगर रिजर्व अपनी समृद्ध जैव विविधता के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ 50 से अधिक प्रकार के स्तनधारी जीव तथा 200 से अधिक पक्षियों की प्रजातियाँ पाई जाती हैं।
यहाँ पाए जाने वाले प्रमुख वन्यजीव:
बाघ
तेंदुआ
गौर (भारतीय बायसन)
जंगली सुअर
भालू
लकड़बग्घा
सियार
उड़न गिलहरी
चिंकारा
चार सिंग वाला मृग
चीतल हिरण
इसके अलावा यहाँ अनेक प्रकार के सरीसृप और रंग-बिरंगे पक्षी भी देखने को मिलते हैं। पक्षी प्रेमियों के लिए यह क्षेत्र किसी स्वर्ग से कम नहीं माना जाता।
जंगल सफारी का रोमांच
अचानकमार टाइगर रिजर्व आने वाले पर्यटकों के लिए जंगल सफारी सबसे बड़ा आकर्षण है। सफारी के दौरान पर्यटक घने जंगलों के बीच वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक वातावरण में देख सकते हैं। सुबह और शाम की सफारी विशेष रूप से रोमांचकारी होती है क्योंकि इस समय जानवरों की गतिविधियाँ अधिक दिखाई देती हैं।
सफारी के दौरान जंगल का शांत वातावरण, पक्षियों की आवाजें और अचानक वन्यजीवों का दिखाई देना पर्यटकों के लिए अविस्मरणीय अनुभव बन जाता है।
जैव विविधता और पर्यावरण संरक्षण
अचानकमार टाइगर रिजर्व केवल पर्यटन स्थल नहीं बल्कि पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण केंद्र भी है। यहाँ वन्यजीवों और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए निरंतर कार्य किए जाते हैं। यह क्षेत्र कई दुर्लभ प्रजातियों के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
बायोस्फीयर रिजर्व घोषित होने के बाद यहाँ पर्यावरण संतुलन बनाए रखने और जंगलों की सुरक्षा के लिए विशेष योजनाएँ संचालित की गईं। यही कारण है कि अचानकमार आज भी अपनी प्राकृतिक सुंदरता और जैव विविधता को सुरक्षित रखने में सफल रहा है।
अचानकमार घूमने का सबसे अच्छा समय
अचानकमार टाइगर रिजर्व घूमने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से जून तक माना जाता है। इस दौरान मौसम सुहावना रहता है और जंगल सफारी का आनंद आसानी से लिया जा सकता है।
मानसून के मौसम में यहाँ की प्राकृतिक सुंदरता अपने चरम पर होती है, लेकिन भारी बारिश के कारण कुछ क्षेत्रों में प्रवेश सीमित हो सकता है।
अचानकमार कैसे पहुँचे
सड़क मार्ग द्वारा
अचानकमार टाइगर रिजर्व छत्तीसगढ़ के प्रमुख शहरों से सड़क मार्ग द्वारा जुड़ा हुआ है। बिलासपुर, मुंगेली और लोरमी से यहाँ आसानी से पहुँचा जा सकता है।
रेल मार्ग द्वारा
निकटतम रेलवे स्टेशन बिलासपुर रेलवे स्टेशन है, जो अचानकमार से लगभग 70 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
वायु मार्ग द्वारा
निकटतम हवाई अड्डा स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट है। वहाँ से सड़क मार्ग द्वारा अचानकमार पहुँचा जा सकता है।
पर्यटन और स्थानीय महत्व
अचानकमार टाइगर रिजर्व छत्तीसगढ़ पर्यटन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यहाँ हर वर्ष हजारों पर्यटक प्रकृति और वन्यजीवों का आनंद लेने आते हैं। यह क्षेत्र स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और पर्यटन विकास का प्रमुख केंद्र भी बन चुका है।
यहाँ आने वाले पर्यटक केवल वन्यजीव ही नहीं बल्कि आदिवासी संस्कृति, प्राकृतिक झरने और पहाड़ी वातावरण का भी आनंद लेते हैं।
निष्कर्ष
अचानकमार टाइगर रिजर्व छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक धरोहरों में एक अद्वितीय स्थान रखता है। घने जंगल, दुर्लभ वन्यजीव, शांत वातावरण और रोमांचक सफारी इसे प्रकृति प्रेमियों के लिए स्वर्ग बनाते हैं। यदि आप प्राकृतिक सौंदर्य, वन्यजीवों और एडवेंचर का अद्भुत अनुभव लेना चाहते हैं, तो अचानकमार टाइगर रिजर्व आपके लिए एक बेहतरीन पर्यटन स्थल साबित होगा।
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