छत्तीसगढ़ कैबिनेट के 7 बड़े फैसले: कृषक उन्नति योजना का नया स्वरूप और ट्रांसमिशन कंपनी का आएगा IPO
रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट की बैठक में छत्तीसगढ़ के विकास, किसानों की समृद्धि और प्रशासनिक सुधारों को लेकर कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं। मंत्रालय महानदी भवन में हुई इस उच्च स्तरीय बैठक में कृषि, परिवहन, स्वास्थ्य और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कुल 7 बड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
आइए जानते हैं कि साय सरकार के इन फैसलों का छत्तीसगढ़ की जनता और अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ेगा।
1. छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी का आएगा IPO
राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड को आईपीओ (IPO) के माध्यम से स्टॉक एक्सचेंज में लिस्ट करने की सैद्धांतिक सहमति दे दी है।
- फायदा: इससे छत्तीसगढ़ के आम नागरिकों और निवेशकों को कंपनी की विकास यात्रा में भागीदार बनने का मौका मिलेगा। साथ ही, कंपनी की वित्तीय क्षमता मजबूत होगी और कामकाज में अधिक पारदर्शिता आएगी।
2. कृषक उन्नति योजना का नया स्वरूप: वैकल्पिक खेती पर ₹15,000 प्रति एकड़ सहायता
धान पर अत्यधिक निर्भरता कम करने और फसल विविधीकरण (Crop Diversification) को बढ़ावा देने के लिए कैबिनेट ने कृषक उन्नति योजना के नए स्वरूप को मंजूरी दी है।
- किसे मिलेगा लाभ: जो किसान धान के बदले अन्य खरीफ फसलें जैसे— दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी और कपास की खेती करेंगे, उन्हें 15,000 रुपये प्रति एकड़ की इनपुट सब्सिडी (आदान सहायता) दी जाएगी।
- तकनीक का इस्तेमाल: इस योजना का लाभ एकीकृत किसान पोर्टल, एग्रीस्टेक पंजीयन और डिजिटल क्रॉप सर्वे के आधार पर सीधे ट्रांसफर किया जाएगा। इससे जल संरक्षण और जमीन की उर्वरा शक्ति को भी बढ़ावा मिलेगा।
3. राशन कार्डधारियों को मिलता रहेगा मुफ्त/सस्ता चना
सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत गरीब और पात्र परिवारों को पोषण सुरक्षा देने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने बड़ा फैसला किया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में चना वितरण की निरंतरता बनी रहेगी। इसके लिए छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम को नेकडेक्स-ई-मार्केट (NeML) के जरिए कम से कम सर्विस चार्ज पर चना खरीदने की अनुमति दी गई है। साथ ही अप्रैल से जून 2026 तक की वर्तमान व्यवस्था को भी तीन महीने के लिए बढ़ा दिया गया है।
💡 मुख्य बातें एक नजर में:
- धान की जगह दूसरी फसलें उगाने पर मिलेंगे ₹15,000 प्रति एकड़।
- रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर और कोरबा में दौड़ेंगी 240 इलेक्ट्रिक बसें।
- अवैध उत्खनन रोकने के लिए खनिज वाहनों में RFID टैग और ट्रैकिंग अनिवार्य।
4. 'योग' अब समाज कल्याण नहीं, चिकित्सा शिक्षा विभाग का हिस्सा
योग और आयुष प्रणाली के बेहतर तालमेल के लिए सरकार ने 'योग' विषय को समाज कल्याण विभाग से हटाकर चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन कर दिया है। चूंकि राष्ट्रीय स्तर पर भी योग आयुष तंत्र का हिस्सा है, इसलिए इस प्रशासनिक बदलाव से राज्य में योग से जुड़ी शिक्षा, ट्रेनिंग और रिसर्च (अनुसंधान) गतिविधियों का बेहतर संचालन हो सकेगा।
5. PM ई-बस सेवा: 4 शहरों में चलेंगी 240 इलेक्ट्रिक बसें
छत्तीसगढ़ के शहरी क्षेत्रों में प्रदूषण कम करने और पब्लिक ट्रांसपोर्ट को मजबूत बनाने के लिए प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत डायरेक्ट डेबिट मैडेट (DDM) को मंजूरी दी गई है।
- लाभान्वित शहर: इस फैसले से रायपुर, दुर्ग-भिलाई, बिलासपुर और कोरबा में कुल 240 आधुनिक और सुरक्षित इलेक्ट्रिक बसों के संचालन का रास्ता साफ हो गया है।
6. नवा रायपुर में जमीन अधिग्रहण पर स्टाम्प ड्यूटी छूट 2028 तक बढ़ी
नवा रायपुर अटल नगर के तेजी से और सुनियोजित विकास के लिए सरकार ने एक और राहत दी है। नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (NRANVP) को आपसी सहमति से भूमि क्रय करने पर मिलने वाली मुद्रांक शुल्क (स्टाम्प ड्यूटी) छूट की अवधि को बढ़ाकर 31 मार्च 2028 कर दिया गया है। इससे इंफ्रास्ट्रक्चर के कामों में तेजी आएगी।
7. अवैध खनन पर कड़ा प्रहार: खनिज नियम 2009 में संशोधन
खनिज माफियाओं और अवैध परिवहन पर लगाम लगाने के लिए छत्तीसगढ़ खनिज (खनन, परिवहन तथा भण्डारण) नियम, 2009 में बड़े बदलाव किए गए हैं:
- खनिज ले जाने वाले सभी वाहनों में आरएफआईडी (RFID) टैग और वाहन ट्रैकिंग सिस्टम लगाना अनिवार्य होगा।
- खनिजों के ग्रेड और मात्रा की जांच आधुनिक तकनीक से होगी।
- भंडारण शुल्क और सिक्योरिटी डिपॉजिट की राशि में बढ़ोतरी की गई है, जबकि 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' के तहत लाइसेंस धारकों के लिए नियमों को सरल भी किया गया है।
निष्कर्ष (Conclusion)
छत्तीसगढ़ कैबिनेट के ये फैसले स्पष्ट करते हैं कि साय सरकार का ध्यान न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारने पर है, बल्कि वे राज्य में डिजिटल गवर्नेंस, पर्यावरण संरक्षण, और पारदर्शी प्रशासनिक व्यवस्था लागू करने के लिए भी प्रतिबद्ध हैं। विशेषकर कृषक उन्नति योजना और ई-बस सेवा जैसे कदम राज्य के भविष्य को बदलने वाले साबित होंगे
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